Thursday, December 17, 2020

मौसम खबर, आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश)

 हवाओं के जोर के आगे भास्कर का तेज़ फेल

- हवा के बहने से ठिठुरे लोगबाग 

- एक्यूआइ ने दर्ज कराया 90 अंक, वातावरण हुआ शुद्ध

आजमगढ़: सुबह भास्कर के तेज़ को देखकर लोगबाग खुश तो हुए मगर हवाओं ने उनकी खुशी पर ग्रहण लगा दी. गुरूवार को मौसम की तापमान का पारा गिरने से सहमे लोगों को भास्कर ने अपने तेज से मरहम लगाने को उत्सुक तो हुए लेकिन बहते हवाओं ने मरहम का असर कम कर दिया. धूप होने के बावजूद लोग ठिठुरने को मजबूर हो गए. न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा.  

आबोहवा की शुद्धता का मापन करने वाले एयर क्वालिटी इंडेक्स पर जहाँ सुबह 189 अंक दर्ज किया गया वहीं दोपहर होते-होते 99 अंक लुढ़कर 90 अंक दर्ज किया गया. गौरतलब है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स पर 1 से 100 तक के दर्ज अंक होने पर सांस लेने योग्य माना जाता है. इस प्रकार हवाओं ने गुरूवार को कभी खुशी कभी गम वाली भूमिका निभाई. आसमान दिनभर साफ रहा. सूर्योदय 6 बजकर 38 मिनट पर हुआ तथा सूर्यास्त 5 बजकर 9 मिनट पर हुआ.

Thursday, August 6, 2020

समाचार अपडेट

 सीबीआई जांच कराने की राज्य सरकार की अनुशंसा को केन्द्र ने स्वीकार किया : बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को देर शाम ट्वीट कर बताया है कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा केन्द्र ने स्वीकार किया है. केन्द्र सरकार को धन्यवाद देते हुए नीतीश कुमार ने उम्मीद जताई है कि अब सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की बेहतर जांच होगी और न्याय मिलेगा. नीतीश कुमार ने ट्वीट किया है कि 'स्व० सुशांत सिंह राजपूत के पिता द्वारा पटना में दर्ज कराये गये मामले की सीबीआई जांच कराने हेतु राज्य सरकार की अनुशंसा को केन्द्र ने स्वीकार कर लिया है. इसके लिए केन्द्र सरकार को धन्यवाद. आशा है कि अब बेहतर जांच हो सकेगी और न्याय मिल सकेगा.' 

गौरतलब है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता के के सिंह 25 जूलाई को पटना के राजीव नगर थाना में अभिनेता की मौत को लेकर प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इस प्राथमिकी में पिता के के सिंह ने अभिनेता की महिला मित्र रिया चक्रवर्ती समेत छह लोगों को अभियुक्त बनाया है. अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए 27 जूलाई को पटना एसआईटी की चार सदस्यीय टीम मुंबई गयी थी. लेकिन इस मामले को लेकर बिहार पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस के बीच खींचतान जारी हो गई थी. पटना एसआईटी के चार सदस्यीय टीम का नेतृत्व करने मुंबई गये आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को भी जबरन कोरोना महामारी का हवाला देते हुए क्वारंटीन कर दिया गया. सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले को और उलझता हुआ देख बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केन्द्र को मामले का सीबीआई जांच कराने की अनुशंसा भेजा था, जिसे केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है.

Sunday, August 2, 2020

समाचार अपडेट

दिवंगत अभिनेता सुशांत की मौत का मामला सीबीआई को सौंप देना चाहिए: केन्द्रीय मंत्री आर के सिंह

बाॅलीवुड अभिनेता दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला अब तुल पकड़ते जा रहा है. केन्द्रीय मंत्री आर. के. सिंह का आज बयान आया है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला सीबीआई को सौंप देना चाहिए. उन्होंने कहा है कि सीबीआई को केस ट्रांसफर करने की लोगों की मांग जायज़ है और इस संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात कर चुके हैं. लेकिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इसके पक्ष में नहीं हैं. केन्द्रीय मंत्री आर के सिंह ने मुंबई पुलिस पर भी आरोप लगाते हुए कहा है कि 40-45 दिनों के बाद भी उन्होंने कुछ नहीं किया जिससे दिवंगत अभिनेता सुशांत के परिवार का भी मुंबई पुलिस से यकीन उठ गया है. 
गौरतलब हैं कि सुशांत सिंह के पिता के के सिंह पटना के राजीव नगर थाने में 25 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज कराई है और छह लोगों को अभियुक्त बनाया है. बिहार पुलिस की चार सदस्यीय टीम 27 जुलाई को मुंबई पहुंचकर मामले की छानबीन कर रही है. दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस मामले में पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी भी मुंबई आज रवाना हो चुके हैं. सिटी एसपी विनय तिवारी वहाँ पहले से पहुंची चार सदस्यीय पटना एसआईटी का नेतृत्व करेंगे. बता दें कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की महिला मित्र रिया चक्रवर्ती इसबीच भुमिगत हो चुकी है. बिहार के डिजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा है कि रिया को सामने आना चाहिए तथा मामले की छानबीन में पुलिस की मदद करनी चाहिए. साथ ही बिहार के डिजीपी ने यह भी चेतावनी देते हुए कहा है कि रिया के खिलाफ कोई सबूत हाथ लगने पर रिया जहाँ भी छुपी हो, उसे ढूंढ निकालेंगे.

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पहले हनुमानगढ़ी का दर्शन करेंगे प्रधानमंत्री: महंत राजू दास

रविवार, अयोध्या| हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी महंत राजू दास ने आज रविवार जानकारी दी है कि पांच अगस्त को भूमिपूजन के लिए अयोध्या आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले हनुमान गढ़ी के दर्शन करेंगे. इसके पश्चात वे रामजन्मभूमि के लिए प्रस्थान करेंगे. हनुमानगढ़ी में इस हेतु विशेष पूजा की व्यवस्था की गई है.
बता दें कि अयोध्या में पांच अगस्त दिन बुधवार को राममंदिर का भूमिपूजन होना है. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई विशिष्ट अतिथियों को शामिल होने का कयास लगाये जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को भूमिपूजन की तैयारियों का जायज़ा लेने आयोध्या आ रहे हैं. मुख्यमंत्री व्यवस्था से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकते हैं. गौरतलब है कि पांच अगस्त को होने वाले भूमिपूजन के लिए तैयारियां पहले से ही जोर-शोर से की जा रही है. इस शुक्रवार को मुख्य सचिव राजेन्द्र तिवारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हितेन्द्र अवस्थी ने अयोध्या पहुंचकर कार्यक्रम का निरीक्षण भी किया था.

Thursday, April 30, 2020

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दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर का निधन:

देश अभी अभिनेता इरफान खान के निधन से शोकाकुल था कि आज गुरुवार को एक और दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर का निधन हो गया है. बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मुंबई के एच. एन. रिलायंस अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वो पिछले दो साल से ल्यूकेमिया नामक बिमारी से जूझ रहे थे. ऋषि कपूर ने आज सुबह करीब पौने नौ बजे अस्पताल में आखिरी सांस ली. वो 67 वर्ष के थे. ऋषि की मौत की जानकारी सबसे पहले उनके भाई रणधीर कपूर ने दी. ऋषि कपूर को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. वो पिछले साल सितम्बर में ही न्यूयॉर्क में लगभग एक साल कैंसर का इलाज करवाने के बाद भारत लौटे थे. ऋषि कपूर के आखिरी समय में उनकी पत्नी नीतू कपूर भी उनके साथ मौजूद रहीं.
गौरतलब है कि ऋषि कपूर ने अपने कैरियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार फिल्म 'मेरा नाम जोकर' से की थी. इस फिल्म को राज कपूर द्वारा निर्देशित किया गया था. ऋषि कपूर ने पहली बार लीड एक्टर के रूप में फिल्म 'बाॅबी' में काम किया था, जिसके लिए उन्हें 1974 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला. वहीं, साल 2008 में ऋषि कपूर को फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था. बता दें कि ऋषि कपूर के पिता राज कपूर और दादा पृथ्वीराज कपूर भी अभिनय कला में सक्रिय रहें. वर्तमान में ऋषि कपूर के बेटे रणबीर कपूर भी बाॅलीवुड में सक्रिय हैं.

Wednesday, April 29, 2020

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नहीं रहे फिल्म एक्टर इरफान खान, मुंबई के अस्पताल में ली आखिरी सांस

बाॅलीवुड एक्टर इरफान खान का आज बुधवार को निधन हो गया है. वह लम्बे समय से एंडोक्राइन ट्यूमर नामक कैंसर से जूझ रहे थे. मंगलवार को अचानक इरफान खान की तबियत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इरफान के अधिकारिक प्रवक्ता द्वारा देर रात यह दावा किया गया था कि उनकी तबियत में सुधार है. लेकिन आज सुबह इरफान खान की मौत की जानकारी दी गई. इरफान ने सुबह करीब 11 बजे आखिरी सांस ली. वे 54 वर्ष के थे.
गौरतलब है कि 25 अप्रैल को ही इरफान खान की माँ सईदा बेगम का निधन हुआ था. लेकिन लाॅकडाउन के वजह से वे अपनी माँ के अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो सके थे तथा विडियो काॅन्फ्रेंसिग के जरिये अपनी माँ की अंतिम विदाई दी थी. बता दें कि इरफान खान ने साल 2018 में अपनी बिमारी के बारे में स्वयं खुलासा किया था और अपने फैंस के नाम एक भावुक संदेश दिया था.
इरफान खान को साल 2011 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा साल 2012 में उन्हें फिल्म पान सिंह तोमर के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था. इरफान खान की आखिरी फिल्म अंग्रेजी मीडियम है. 

Monday, April 27, 2020

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नये शैक्षिक सत्र में नहीं होगी शुल्क वृद्धि: उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने सोमवार को देर शाम ट्वीट कर नये शैक्षिक सत्र की शुल्क वृद्धि नहीं किये जाने की जानकारी दी है. उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा शुल्क वृद्धि नहीं किये जाने के इस निर्णय को जनहित में बताया है. दिनेश शर्मा ने ट्वीट कर कहा है कि ' उत्तर प्रदेश सरकार ने जनहित में यह निर्णय लिया है कि शैक्षिक सत्र 2020-21 में समस्त बोर्डों द्वारा कोई शुल्क वृद्धि नहीं की जाएगी. समस्त विद्यालयों द्वारा नये प्रवेश एवं प्रत्येक कक्षा हेतु शैक्षिक सत्र 2019-20 में लागू शुल्क संरचना ही शैक्षिक सत्र 2020-21 में लागू रहेगी.' 
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश के साथ-साथ  सम्पूर्ण देश में लाॅकडाउन घोषित है. इस लाॅकडाउन में समस्त विद्यालय व शिक्षण संस्थान भी बंद हैं. ऐसे में छात्र- छात्राओं के सत्र को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार पहले ही कक्षा एक से नौ तक तथा इंटरमीडिएट के कक्षा ग्यारह के समस्त छात्रों को प्रमोट करने की बात कह चुकी है. नये सत्र के शुल्क संरचना को लेकर समस्त शिक्षण संस्थान, छात्र व अभिभावक भ्रम के स्थिति में थें, जिसे स्पष्ट करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने शुल्क वृद्धि नहीं करने की बात कहा है.

Sunday, April 26, 2020

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कोरोना संक्रमण से अबतक 845 मौत :
भारत में लाॅकडाउन के बावजूद रविवार देर रात तक कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद बढ़कर 27,031 हो गये हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार रविवार तक जहाँ कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 845 हो गई है वहीं दूसरी तरफ 5914 मरीजों को पूरी तरह ठीक होने के उपरान्त अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

रविवार देर रात तक कोरोना संक्रमित मरीजों की कहाँ हैं कितने मामले : एक नज़र
1) महाराष्ट्र - 8,068                  2) गुजरात- 3,071

3) दिल्ली - 2,625 4) मध्यप्रदेश- 2,096

5) राजस्थान- 2,083 6) उत्तर प्रदेश- 1,843

7) तमिलनाडु- 1,821 8) आंध्रप्रदेश- 1,097

9) तेलंगाना- 991 10) पश्चिम बंगाल- 611
  11) कर्नाटक- 501 12) जम्मू कश्मीर- 494
  13) केरल- 458 14) पंजाब- 298
  15) हरियाणा- 289 16)  बिहार- 251
  17) ओडिशा- 103 18) झारखंड- 53
19) उत्तराखंड- 50 20) हिमाचल प्रदेश- 40
  21) छत्तीसगढ़- 37 22) असम- 36
  23) अंडमान और निकोबार- 33 24) चंडीगढ़- 30
  25) लद्दाख- 20 26) मेघालय- 12
27) गोवा- 7 28) पुडुचेरी- 7
  29) त्रिपुरा- 2 30) मणिपुर- 2
  31) मिजोरम- 1 32) अरूणाचल प्रदेश- 1

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महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित के 440 नये मामले, 19 लोगों की मौत:

महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमित 440 नये मामले मिलने की जानकारी दिया है. इस प्रकार अब तक महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद बढ़कर 8068 हो गई है. वहीं रविवार को राज्य में कोरोना संक्रमण से 19 लोगों की मौत हो गई है जबकि 112 मरीजों को पूरी तरह से ठीक होने के बाद छुट्टी दे दिया गया. इस प्रकार केवल महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित होकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 342 हो गई है. अब तक महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित 1188 मरीजों को ठीक किया जा चुका है.

Tuesday, March 24, 2020

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देशव्यापी लाॅकडाउन में राज्य सरकार का कदमताल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार को रात 12 बजे से 21 दिनों का देशव्यापी लाॅकडाउन के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कदमताल मिलाते हुए लोगों से बाहर न निकलने की अपील किया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि- 'हम बुधवार से दूध, सब्जी, आवश्यक वस्तुओं को घर-घर पहुंचाना प्रारंभ करेंगे. आपसे अपील है कि सब्जी लेने के लिए आप सब्जी मंडी, दूध खरीदने तथा आवश्यक सामान खरीदने के लिए आप किसी दुकान पर न जाएं. जब प्रशासन आपसे कहेगा तब आप वहां जाएं.' 
दूसरी तरफ दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने देशव्यापी लाॅकडाउन को जरूरी बताते हुए मंगलवार को देर रात ट्वीट किया है. ट्वीट कर केजरीवाल ने कहा है कि 'प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित किया हुआ 21 दिन का देशव्यापी लाॅकडाउन कोरोना को फैलने से रोकने के लिए बेहद जरूरी है. मैं दिल्ली के हर व्यक्ति को आश्वस्त करता हूँ कि अगले तीन हफ्ते जरूरी चीजों की सप्लाई में कोई कमी नहीं होने देंगे. इस मुश्किल समय में आपकी हर जरूरत का ख्याल रखा जायेगा'. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने यह भी ऐलान किया है कि दिल्ली सरकार दिल्ली में कंस्ट्रक्शन का काम कर रहे मजदूरों को 5000 रूपये देगी. केजरीवाल ने मंगलवार को एक और ट्वीट करते हुए कहा है कि- ' इस कठिन समय में जब पूरा शहर और देश लाॅकडाउन में है. ऐसे में हमने तय किया है कि हम दिल्ली में कंस्ट्रक्शन का काम करनेवाले हर मजदूर को ₹ 5000 देंगे ताकि वो अपना गुजारा कर सके.'

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कोरोना महामारी पर प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र को संबोधन

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना वैश्विक महामारी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए रात 12 बजे से सम्पूर्ण देश को लाॅकडाउन करने का ऐलान किया है. यह फैसला कोरोना महामारी से लगातार बढ़ रहे संक्रमित लोगों की तादाद को देखते हुए लिया गया है. सम्पूर्ण देश में यह लाॅकडाउन 21 दिनों तक रहेगा. मोदी ने संबोधन में कहा है कि अमेरिका तथा इटली जैसे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी दुनिया में बेहतरीन मानी जाती है, बावजूद इसके वहाँ कोरोना महामारी से हालात बहुत खराब है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के आकड़े का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पहली बार लगभग एक लाख लोग जहाँ 68 दिनों में  कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गयें. वहीं संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख से दो लाख तथा दो लाख से तीन लाख होने में क्रमशः 11 दिन व 4 दिन लगें. प्रधानमंत्री ने कहा कि तेजी से फैल रहे इस कोरोना महामारी पर नियंत्रण पाने का एक ही उपाय है कि लोग अपने घरों में रहें एवं अनावश्यक बाहर निकलने से बचें. उन्होंने पूरी तरह सोशल डिस्टेंशिग बरतने का लोगों से अपील किया.
संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों के सेवा में लगे चिकित्सक, पुलिसकर्मी, मीडियाकर्मी इत्यादि को धन्यवाद देते हुए कहा है कि अपने परिवार से दूर रहते हुए व बिना अपनी जान की परवाह किये बगैर इस वैश्विक महामारी में देश के सेवा में लगें हैं तथा इनका कार्य सराहनीय है.

Monday, March 23, 2020

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दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का मकान मालिकों से बाद में किराया लेने की अपील

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सोमवार को ट्वीट कर दिल्लीवासियों से अपील किया है कि कोरोना महामारी के इस संकट में यदि कोई किरायेदार अपने रूम का किराया तुरंत देने में सक्षम नहीं है तो मकान मालिक रूम का किराया कुछ समय बाद ही लें. गौरतलब है कि कोरोना महामारी से लगातार बढ़ रहे संक्रमित लोगों की तादाद को देखते हुए दिल्ली को लाॅकडाउन कर दिया गया है. दिल्ली में ट्रेन व बस सेवा के साथ-साथ मेट्रो सेवा भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. केन्द्र व राज्य सरकार लोगों से अनावश्यक बाहर न निकलने तथा कहीं अन्य जगह यात्रा न करने की बार-बार अपील कर रही है, जिससे बढ़ रहे संक्रमण पर काबू पाया जा सके. ज्ञात हो कि दिल्ली में जनसंख्या का एक बहुत बड़ा भाग वैसे लोगों का है जो अन्य राज्यों से आकर किराये के मकान में रहते हैं तथा रोजीरोटी कमाते हैं. देश के विभिन्न हिस्से से नई दिल्ली स्थित बेहतरीन संस्थान व स्कूलों में पढ़ने के लिए भी हजारों की संख्या में छात्र किराये के मकान में रहते हैं. 
ऐसे में दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि मेरी सभी मकान मालिकों से अपील है- लाॅकडाउन के दौरान अगर आपके किरायेदारों के पास तुरंत किराया देने का पैसा न हो तो अगले एक या दो महीने का किराया बाद में किश्तों में ले लें. इस महामारी के दौरान किसी गरीब को हम बेसहारा और भूखा नहीं छोड़ सकते. ये हम सबकी साझी जिम्मेदारी है.

Sunday, March 22, 2020

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प्रांतीय पुलिस सेवा संघ का उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री राहतकोष को सहायता धनराशि

उत्तर प्रदेश के प्रांतीय पुलिस सेवा संघ ने रविवार को एक बैठक में कोरोना महामारी की बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सहभागिता स्वरूप कुछ राशि मुख्यमंत्री राहतकोष में जमा करने का अहम निर्णय लिया है.  इस निर्णय के अनुसार प्रांतीय पुलिस सेवा संघ के प्रत्येक सदस्य पांच सौ रूपये सहायता राशि के रूप में अदा करेंगे.यह निर्णय पुलिस सेवा संघ के प्रत्येक सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया है. 
गौरतलब है कि अब तक देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की तादाद बढ़कर 360 हो गई है. इसके साथ ही कोरोना वायरस से सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. अकेले उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 27 है. केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा लोगों से अनावश्यक बाहर न निकलने तथा सफाई रखने की बार-बार अपील की जा रही है.

Saturday, February 29, 2020

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हिन्दू सेना के ऐलान के बाद शाहीनबाग में पुलिस मुश्तैद

हिन्दू सेना के चेतावनी के बाद दिल्ली के शाहीनबाग में आज सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दिया गया है. हिन्दू सेना ने ऐलान किया है कि रविवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों से शाहीनबाग की सड़क खाली करा दी जाएगी. हिन्दू सेना के इस ऐलान के बाद किसी अनहोनी की संभावना को भांपते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है तथा पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है.
शाहीनबाग में 15 दिसम्बर 2019 से नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है. इसी बीच हिन्दू सेना के विष्णु गुप्त ने शनिवार को ट्वीट किया है कि दिल्ली पुलिस शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों को हटाने में पूरी तरह असफल रही. भारत के संविधान के आर्टिकल 14,19,21 के तहत वहाँ आम लोगों के मूल अधिकारों का हनन हो रहा है. हिन्दू सेना 1 मार्च 2020 को सुबह 10 बजे सभी राष्ट्रवादियों को ब्लॉक की गई सड़क को खाली कराने के लिए आमंत्रित करती है.

Thursday, February 27, 2020

'भूत' द हाॅन्टेड शिप: समीक्षा

'भूत': समीक्षा

फिल्म:  'भूत' द हाॅन्टेड शिप      फिल्म सर्टिफिकेट: व/A
निर्देशक: भानू प्रताप सिंह
निर्माता:  करन जौहर, शशांक खैतान
कलाकार: विक्की कौशल, भूमि पेडनेकर, आशुतोष राणा, मेहेर विज, सिद्धांत कपूर इत्यादि.
संगीतकार: अखिल सचदेवा, केतन सोढा
निर्माण कंपनी: धर्मा प्रोडक्शन, जी स्टूडियोज़

भानू प्रताप सिंह द्वारा निर्देशित फिल्म 'भूत- द हाॅन्टेड शिप' एक हाॅरर थ्रिलर फिल्म है. भानू प्रताप की यह डेब्यू फिल्म भी है. 
कहानी:
पृथ्वी (विक्की कौशल) एक शिपिंग ऑफिसर होता है जो अपने परिवार के एक हादसे में मारे जाने के अवसाद और अपने अकेलेपन से जूझ रहा होता है. तभी उसे समंदर के किनारे एक बड़ा जहाज के बारे में खबर मिलती है जो बिना उसके किसी क्रु मेंबर के सहारे अपने आप आ लगता है. पृथ्वी का बाॅस रिटायर होने वाला होता है, अत: जहाज के बारे में जांच-पड़ताल कराकर जहाज से छुटकारा पाना चाहता है.  पृथ्वी को जहाज के जांच-पड़ताल करने के दौरान अजीबोगरीब चीजों का अनुभव होता है. उसे पता लगता है कि सी वर्ड नाम का यह जहाज एक अरसे से हाॅन्टेड है और इसी के साथ और भी कई रहस्य की गुत्थी सुलझती जाती है जो भयावह होती है.
निर्देशन: 
भानू प्रताप सिंह का अच्छी निर्देशन की कोशिश बढ़िया है. लेकिन फिल्म में और भी बढ़िया निर्देशन की संभावना बरकरार है. फिल्म का जैसे जैसे अंत होता जाता है, भानू की निर्देशन ढीली पड़ती हुई नज़र आती है.
अभिनय: 
विक्की कौशल ने अपने किरदार का रोल बखूबी निभाया है तथा अपने अभिनय से स्वयं को सिद्ध किया है कि वे एक बेहतरीन अभिनेता हैं. बाकी सभी कलाकार भी अपने किरदार को निभाने में बेईमानी नहीं की है.
कमज़ोर कड़ी: 
  • फिल्म का निर्देशन और भी बेहतरीन ढंग से किया जा सकता था.
  • इंटरवल के बाद यह हाॅरर फिल्म दर्शकों को डराने में नाकामयाब साबित होती है.
  • फिल्म के अंत जैसे जैसे होता है, वैसे वैसे फिल्म का भूत भी एक मज़ाक बनकर रह जाता है यानि लोग डरने के बजाय हंसने लगते हैं.
स्टार रेटिंग (0/5

'भूत: द हाॅन्टेड शिप' फिल्म को अलार्म बटन 5 में से 2.5 स्टार देता है अर्थात (2.5/5) .

Wednesday, February 26, 2020

'नयी पौध' : समीक्षा

'नयी पौध' : समीक्षा

पुस्तक :           नयी पौध
पुस्तक लेखक :  नागार्जुन
प्रकाशक :        राजकमल प्रकाशन 
ISBN :           978-81-267-1376-9
मूल्य :              ₹ 125       

"घटकों और दलालों की कुछ मत पुछिए, वे अंधेरे में ही निशाना साधते हैं। रिश्तों की तुक शायद ही कभी ठीक बैठती हो… 

'नयी पौध' नागार्जुन द्वारा रचित अद्भुत कहानी है जो बेमेल शादी जैसे विकराल समस्या पर आधारित है, जिसमें कुछ युवाओं द्वारा बड़े- बुजुर्गों के रुढ़िवादी- संकीर्ण सोच के खिलाफ जाकर एक युवती की बेमेल शादी होने से बचा लिया जाता है.
खोखाई झा अपनी नतनी बिसेसरी की शादी के लिए वर ढूँढते हैं. बिसेसरी की माँ रामेसरी 13 साल से विधवा है और अपने पिता खोखाई झा के यहाँ ही रहती है. खोखाई झा की रोजीरोटी पड़िताई से हीं चलती है. सौराठ के मेले से खोखाई अपनी 15 वर्षीया नतनी बिसेसरी के लिए 60 वर्षीय चतुरानन चौधरी को वर के रूप में चयन करते हैं तथा शादी कराना चाहते हैं. चतुरानन चौधरी की यह पांचवीं शादी तय होती है अर्थात चौधरी चार शादी पहले ही कर चुके होते हैं. लेकिन गाँव के कुछ युवाओं जैसे माहे, दिगम्बर मल्लिक, दुर्गानंदन इत्यादि को यह शादी खटकती है तथा अपने ग्रुप के सदस्या बिसेसरी को इस जंजाल से निकालने के लिए प्रयास करते हैं एवं इसमें सफल भी होते हैं.
इस प्रकार की बेमेल शादी विभिन्न जागरूकता अभियान व कार्यक्रम के वजह से अब धीरे-धीरे कम हो गईं हैं या यूँ कहें तो मध्यमवर्गीय परिवार में देखने को नहीं मिलती है. लेकिन अब भी अक्सर उच्चवर्गीय सोसाइटी में बेमेल शादी की खबर देखने-सुनने को मिल जाती है.
कमज़ोर कड़ी:
  • लेखक 'नयी पौध' के इस कहानी में ग्रामीण परिदृश्य के कठिन शब्दों या फिर कहा जाये कि वैसे शब्द जो अधिक प्रचलित नहीं है, का चयन किया है जिससे सामान्य पाठक को समझने में कठिनाई हो सकती है.

Monday, February 10, 2020

मलंग : समीक्षा

'मलंग' : समीक्षा
फिल्म:  मलंग                 फिल्म सर्टिफिकेट: व /A
निर्देशक: मोहित सूरी
निर्माता: लव रंजन, भूषण कुमार, अंकुर गर्ग, कृष्णा कुमार व जे शेवक्रमनी 
कलाकार: आदित्य रॉय कपूर, दिशा पटानी, अनिल कपूर, कुनाल खेमू, एली एवराम, वत्सल सेठ इत्यादि। 
संगीतकार: असीम अजहर, अंकित तिवारी, वेद शर्मा, मिथुन
निर्माण कंपनी: टी-सीरीज़, Northern Lights Entertainment

भूमिका:
मोहित सूरी निर्देशित फिल्म मलंग एक रोमांटिक थ्रिलर फिल्म है। इस फिल्म में दो कहानी एक साथ चलती है। केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा मलंग को A फिल्म सर्टिफिकेट प्राप्त है यानी इसे परिवार के साथ नहीं देखा जा सकता है। यह फिल्म वयस्कों के लिए है । 
कहानी:
कहानी की शुरुआत जेल कैदी के रूप में अद्वैत (आदित्य रॉय कपूर) से होती है। अद्वैत जिस रात जेल से छूटता है, उसी रात एक के बाद एक तीन पुलिस आफिसर को मार देता है और इससे पहले इंस्पेक्टर अंजनी आगाशे (अनिल कपूर) को इसकी जानकारी भी देता रहता है। जिस तीन पुलिस आफिसर को अद्वैत मारता है, वह तीनों माइकल (कुनाल खेमू) के दोस्त रहते हैं। माइकल स्वयं भी पुलिस आफिसर होता है और वह अपने आफिसर साथियों के हत्यारा अद्वैत को पकड़ना चाहता है। अत: माइकल इंस्पेक्टर आगाशे के साथ मिलकर इस काम में लग जाता है। अद्वैत इन पुलिस आफिसर को क्यों मारना चाहता है? इस रहस्य के लिए कहानी 5 साल पहले फ्लैशबैक में चलती है। 
अद्वैत गोवा ट्रिप्स पर होता है, जहाँ उसकी मुलाकात सारा (दिशा पटानी) से होती है। एक ही मुलाकात में अद्वैत व सारा एक-दूसरे की ओर आकर्षित होते हैं और प्यार करने लगते हैं। सब ठीक चल रहा होता है, लेकिन क्रिसमस की एक रात की घटना दोनों की ज़िन्दगी को झकझोर कर रख देता है। सारा अपने एक दोस्त एलेक्सा (एली एवराम) के घर ठहरी होती है, जो सेक्स वर्कर होती है। माइकल एक रात एलेक्सा के घर आता है और सारा को एलेक्सा समझकर जोर-जबरदस्ती करता है। सारा का विरोध व अपनी नाकामयाबी से हताश होकर और अपनी कमज़ोरी को छुपाने के लिए माइकल सारा को जान से मारने की कोशिश करता है। इसमें माइकल के तीन पुलिस आफिसर दोस्त भी शामिल हो जाते हैं एवं अद्वैत पर ड्रग्स डीलर का आरोप मढ़ देते हैं। वहीं दूसरी तरफ सारा को मरने से उसकी दोस्त एलेक्सा बचा लेती है। 
इसी का इंतकाम जेल से छुटने के बाद अद्वैत लेना चाहता है और अंततः सारा के साथ मिलकर अद्वैत माइकल को मारने में कामयाब भी होता है। 
निर्देशन:
मोहित सूरी का निर्देशन बेहतरीन रहा है। फिल्म में कहीं-कहीं दर्शकों को हंसाने का भी प्रयास मोहित ने की है और वे इसमें कामयाब भी रहे हैं। इंटरवल के पहले काम और बढ़िया किया जा सकता था। 
अभिनय:
सभी कलाकार अपना रोल बखूबी निभाया है। अनिल कपूर इंस्पेक्टर आगाशे के रूप में बेहतरीन लगे हैं और अपने अभिनय से लोगों के दिल जीतने में कामयाब रहे हैं। कुनाल खेमू का भी अभिनय बढ़िया रहा है। 
संगीत:
संगीत भी बेहतरीन रहा है और फिल्म के सिन्स के अनुरूप है। मोहित सूरी निर्देशित फिल्म हो, एक्टर आदित्य रॉय कपूर हो और यदि अंकित तिवारी के आवाज में संगीत हो, तो फिर क्या कहना! 
कमज़ोर कड़ी: 
  • फिल्म की शुरुआत तो सही है लेकिन इंटरवल के पहले कहानी थोड़ी बोरिंग लगती है। यहाँ निर्देशक द्वारा और बढ़िया काम किये जाने की संभावना थी।
  •  कहानी के बीच में कैरेक्टर अद्वैत व सारा को खूब भागते हुये दिखाया गया है, ऐसा लगता है जैसे निर्देशक कहानी को अनायास खींचने का प्रयास किया है। 
स्टार रेटिंग (0/5) :     
मलंग फिल्म को अलार्म बटन 5 में से 3 स्टार देता है अर्थात (⅗).  ©

Friday, January 17, 2020

रेलिया बैरन





रेलिया बैरन

प्रयागराज से वाराणसी जाना था। मैं इलाहाबाद सिटी स्टेशन नियत समय पर पहुँचकर विभूति एक्सप्रेस के जनरल बोगी में सवार था। उस जनरल बोगी में न अधिक भीड़ थी और नाही कोई खाली सीट दिख रही थी, अत: मैं दूसरी तरफ दरवाजे के समीप खड़ा हो गया। खाली सीट न रहने पर मैं भी एक-दो बार रेलवे की आचार संहिता व नियम को ताक पर रखकर दरवाजे की सीढ़ी को सीट समझकर बैठा हूँ और सफर किया हूँ। मगर, आज यहाँ भी दो युवा पहले से बैठे थे। इसलिए अपना बैग ऊपर लगी रेक पर रखकर खड़ा रहने के सिवा कोई चारा नहीं था। मेरे पीछे लम्बी सीट के कार्नर पर एक शादीशुदा महिला गुलाबी साड़ी पहने बड़ी इत्मीनान से बैठी थी.... जी हां, पहली दफा में मुझे इत्मीनान से ही बैठी हुई लगी थी। उसकी उम्र महज़ 28 साल के आसपास रही होगी। सामने सीढ़ी पर बैठे युवा एक-दूसरे से हंसी-मज़ाक करते अपने फोन के कैमरा से सेल्फी पर सेल्फी लिये जा रहे थें। ट्रेन के खुलने का समय हो चुका था। एक लम्बी 'पों' के भारी हार्न के साथ गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी। इसी के साथ स्टेशन, प्लेटफार्म पर खड़े लोग, शहर की ओर दिख रहें बड़े-छोटे मकान, पेड़-पौधे और बैनर-पोस्टर पीछे छुटने लगें। गाड़ी स्पीड पकड़ चुकी थी और मैं भी मन ही मन 'अलविदा इलाहाबाद, फिर मिलेंगे' कहते हुये पीछे छूटने शहर को देख रहा था।
अचानक हवा के साथ आयी गंध ने मुझे आभास कराया कि सामने सीढ़ी पर बैठे दोनों व्यक्ति शराब पी रखी है। कार्नर पर बैठी महिला को देख-देखकर उनकी कानाफ़ूसी भी बढ़ती जा रही थी। वे आपस में कुछ इशारा कर रहे थे और शरारती हंसी हंसे जा रहे थे। मेरा ध्यान अब तेजी से पीछे छुटते शहर, खेत- खलिहानों की तरफ न जाकर उनपर टीकी हुई थी और बाहर की तरफ देखने का मैं महज़ बहाना भर कर रहा था। उन दोनों में से एक व्यक्ति अचानक बैठे-बैठे हीं लपककर महिला के पैर के पास से पानी की रखी बोतल ले लिया और महिला के बांह से बोतल को छुआते  हुये पुछा- "का मलाई, पानी ले लें? " महिला ने सकपकाते हुये 'हां' में सर हिला दिया और वो व्यक्ति खिखियाते हुये पानी पीने लगा। जो महिला मुझे पहले इत्मीनान-सी लगी थी, अब वही महिला मुझे लोगों से भरी गाड़ी में 'इत्मीनान' से बैठी नज़र नहीं आ रही थी। मैं सोच रहा था कि महिला के बगल में बैठे अन्य लोग उसके परिवार के सदस्य होंगे और वो इस हरकत का विरोध करेंगे। मगर वो भी कुछ चौकें से नज़र आयें। बगल में बैठे अन्य लोगों का कुछ 'रियेक्शन' न करता देख, मेरे दिमाग में बात आयी कि- कहीं यह महिला अपने परिवार के किसी सदस्य के बिना अकेले सफर तो नहीं कर रही है? मैं यह सोच ही रहा था कि तभी उन दोनों में से दूसरा व्यक्ति महिला के कमर पर हल्की-सी चिकोटी काटते हुये हाथ पीछे खींच लिया और हंसने लगा। इस बार महिला उसकी तरफ गुर्राते हुये देखा और फिर झिझकते हुये मुंह दूसरी तरफ फेर ली। मैं यह सब देखकर दंग था। मेरे मन में ये सवाल चल रहे थे कि- इतने सारे लोग हैं, आख़िर यह महिला इस अश्लील हरकत का विरोध क्यूँ नहीं करती?  या फिर लोगों में से हीं कोई क्यों नहीं टोकता? ऐसे ही कई सवाल मेरे सागर रूपी मन में गोता लगा ही रहे थे कि कुछ देर बाद अचानक फिर से दूसरा व्यक्ति ने महिला के कमर में अपनी अंगुली धसाते हुये पीछे खींच लिया और हंसने लगा। इस बार महिला झिझकते हुये रूद्धें आवाज में कहा- "तुम ये काहे कर रहे हो? " और फिर से शांत हो गई। यह सब देखकर अब मुझे घुटन-सी महसूस होने लगी थी। मैं अपने को मन ही मन कोसने लगा था कि मैं अब तक चुप क्यों हूँ? क्या मुझे भी इस समय अन्य लोगों की तरह अंधे होने का ढ़ोंग करनी चाहिए?    इसबार मेरे धमनियों के खून उबलने से लगे थें। मैंने खुद से फैसला कर चुका था कि इसबार मुझसे चुप नहीं रहा जायेगा और मैं उस विवश महिला से पुछ लूंगा कि - आप इतना बर्दाश्त क्यों कर रही हैं?... क्या वें आपके घर के हैं? या फिर उन बदतमीज़  युवाओं से इस तरह की दुस्साहस न करने को कहूंगा।
गाड़ी की रफ़्तार कम होने लगी थी। अगली 'स्टोपेज' ज्ञानपुर स्टेशन आने वाला था। कुछ देर बाद ट्रेन की रफ़्तार बहुत ही कम हो गई और स्टेशन का प्लेटफार्म दिखने लगा था। आचानक उन दोनों युवाओं में से पहला युवक मंद गति से चल रही ट्रेन से उतर गया। दूसरा व्यक्ति भी अंगड़ाई लेते हुए उठ खड़ा हुआ और गाड़ी का एकदम से रूक जाने का शायद इंतज़ार कर रहा था। गाड़ी स्टेशन पर रूकी और व्यक्ति महिला को लगभग पुकारते हुये कहा- " स्टेंड अप, पीक्को .... अपनी मंजिल आ गई"  महिला भी इस बार खड़ी होकर उसके साथ स्टेशन पर उतरी और चलती चली जा रही थी।
मैं आश्चर्य से उस जाते हुए महिला को देखता रहा और सोचता रहा - क्या वो महिला उसके साथ थी? क्या उन दो युवाओं के हरकतों का विरोध कर मैं सही करता या ये मेरी गुस्ताखी होती? मेरे दिमाग़ में अभी भी गुंज रहा था..... "स्टेंड अप, पीक्को..!! "
                     🖊 आलोक रंजन
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