पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने दो दिवसीय श्रीलंका दौरे पर हैं. उनका यह दौरा कई वजहों से सुर्खियों में है. पहला वजह यह है कि भारत ने पाकिस्तानी एयरफोर्स के हवाईजहाज को अपने एयर स्पेस में मंजूरी देकर दरियादिली दिखाई है. जबकि दो साल पहले प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका और सऊदीअरब की यात्रा के दौरान पाकिस्तान अपने एयर स्पेस का इस्तेमाल करने से मना कर दिया था. वैसे, इंटरनेशनल एविएशन ऑर्गनाइजेशन के नियमों के मुताबिक, किसी भी देश को VVIP फ्लाइट्स को अपने एयर स्पेस में इज़ाज़त देनी होती है. खैर, भारत ने बिना किसी आपत्ति के अपने एयर स्पेस में मंजूरी देकर विश्व बिरादरी में अपनी छवि को बढ़ाया ही है.
दूसरा वजह, श्रीलंका के संसद में इमरान खान के भाषण पर रोक लगा दिया गया और अब श्रीलंकाई मुस्लिम सांसदों के साथ बैठक करने की अनुमति भी नहीं दी गई जो कि पहले से पाकिस्तान पीएम के इस दौर का हिस्सा था. श्रीलंका सरकार द्वारा अनुमति न देने के पीछे जो कारण समझ में आता है वो ये कि श्रीलंका कभी नहीं चाहेगा कि पाकिस्तानी पीएम इमरान खान अपने भाषण के दौरान संसद में कुछ ऐसा बोल जाए जिसपर भारत को आपत्ति हो. वह भी तब जब श्रीलंका चीन से दूरी बनाते हुए अब भारत से रिश्ते मजबूत कर रहा है और भारत भी इस कोरोना महामारी में कोविड वैक्सीन को मुफ्त में देने से लेकर विभिन्न आर्थिक मोर्चों पर श्रीलंका की मदद कर रहा है और साथ खड़ा है. ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले ही भारत ने श्रीलंका को 5 लाख वैक्सीन मुफ़्त में भेजा है. ऐसे में श्रीलंका किसी भी कारणों से भारत को नाराज नहीं करना चाहेगा.
वहीं, श्रीलंकाई संसद में इमरान खान के भाषण कार्यक्रम को रद्द करने और मुस्लिम सांसदों से मिलने की मंजूरी न देने के पीछे दूसरे कयास भी लगाये जा रहे हैं. श्रीलंका में बौद्ध समुदाय की संख्या सबसे ज्यादा है और यहाँ मुसलमान को लेकर नाराजगी भी रही है. कुछ दिन पहले ही बौद्ध समुदाय ने मस्जिदों में जानवर की कुर्बानी का विरोध भी किया था और रोक के लिए रैलियां भी निकाली गई. कोरोना संक्रमण से मारे गए मुसलमानों के शव को दफनाने के बजाय जलाने के तोहमत भी श्रीलंका पर लगा जिसपर इमरान खान ने प्रतिक्रिया देते हुए सार्वजनिक मंच पर मुद्दे को उठाया और विरोध दर्ज किया. ऐसे में श्रीलंका के जेहन में यह बात जरूर होगी कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान श्रीलंकाई संसद के मंच से अपना एजेण्डा चलाने की कोशिश कर सकते हैं.
सब मिलाकर देखा जाए तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का इस श्रीलंका दौरा में छीछालेदर ही हुआ.