Wednesday, January 27, 2021

दिरखा: शहर और वो

 बहुत दिनों बाद दिखी थी वो मुझे, 

जब अपने ही शहर में....कुछ निकला था ढूंढने

उसने देखा, मुस्कुराया और चल दिया, 

मैं भी ठहरा, कुछ सोचा और फिर मर गया!

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